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नवरात्रि 2026 पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट 🪔 | AstroStarTalk
नवरात्रि 2026 पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट 🪔 | AstroStarTalk
Posted on 02 October 2026 | by Astro Star Talk
नवरात्रि 2026 पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट 🪔 | AstroStarTalk
By AstroStarTalk | प्रकाशित: 2 अक्टूबर 2026 | विषय: नवरात्रि, पूजा सामग्री, घटस्थापना
AstroStarTalk की ओर से: नवरात्रि की तैयारी के लिए एक आसान, पूरी चेकलिस्ट। 🌺
नवरात्रि आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। घरों में सफ़ाई शुरू हो चुकी है, और रसोई में व्रत के सामान की लिस्ट बनने लगी है। पर हर साल वही होता है। पूजा वाले दिन सुबह-सुबह याद आता है कि जौ तो लाए ही नहीं, या कलश के लिए आम के पत्ते रह गए। फिर भाग-दौड़ मच जाती है।
इसीलिए AstroStarTalk के इस लेख में हम शारदीय नवरात्रि 2026 की पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट लेकर आए हैं। इसे सेव कर लीजिए, परिवार के साथ शेयर कर लीजिए, और एक-एक चीज़ टिक करते जाइए। 📝
📅 शारदीय नवरात्रि 2026 कब से है
इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू हो रही है। इसी दिन घटस्थापना होगी। 19 अक्टूबर, सोमवार को महानवमी है और 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयदशमी (दशहरा) मनाई जाएगी।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त हर शहर के हिसाब से थोड़ा अलग होता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग या पंडित जी की सलाह ज़रूर लीजिए। दुर्गा अष्टमी की तारीख़ को लेकर भी अलग-अलग पंचांगों में 18 और 19 अक्टूबर का अंतर मिलता है, तो कन्या पूजन का दिन तय करने से पहले एक बार पुष्टि कर लें।
अगर आपने हमारा पिछला लेख नहीं पढ़ा, तो पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें यहाँ पढ़ सकते हैं। पितृ पक्ष 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या पर पूरा होता है, और अगली सुबह से ही नवरात्रि का स्वागत होता है। 🙏
🏺 1. घटस्थापना (कलश स्थापना) की सामग्री
नवरात्रि का सबसे पहला काम कलश स्थापना है। इसके लिए ये चीज़ें चाहिए:
- मिट्टी या तांबे/पीतल का कलश
- मिट्टी का चौड़ा पात्र (जौ बोने के लिए)
- साफ़ मिट्टी (घर के गमले की या बाज़ार से लाई हुई)
- जौ या गेहूँ के दाने
- गंगाजल (या साफ़ जल)
- आम या अशोक के 5 या 7 पत्ते
- साबुत नारियल (जटा वाला)
- लाल चुनरी या लाल कपड़ा
- कलावा (मौली)
- सुपारी और एक सिक्का
- चावल (अक्षत)
- रोली और हल्दी
- चौकी और उसके लिए लाल या पीला आसन
एक छोटी सलाह: जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र रात को ही तैयार कर लें, और पूजा से एक दिन पहले सारा सामान एक ही जगह रख दें। 😊
🌸 2. माँ दुर्गा की पूजा सामग्री
रोज़ की पूजा के लिए ये सामान रखिए:
- माँ दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर
- लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान (बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, मेहंदी, काजल)
- लाल गुड़हल या कमल के फूल (गुड़हल को देवी का प्रिय फूल माना जाता है)
- फूलों की माला
- रोली, चंदन, अक्षत
- धूप, अगरबत्ती और कपूर
- घी का दीपक और बाती
- पान के पत्ते और लौंग-इलायची
- फल (केला, सेब, अनार आदि)
- मिठाई या मिश्री का भोग
- पंचामृत की सामग्री (दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल)
- आरती की थाली और घंटी
- शंख (अगर घर में हो)
पूजा की किताबें भी रखें:
- दुर्गा चालीसा
- दुर्गा सप्तशती (पाठ करने वालों के लिए)
- देवी की आरती की पुस्तिका
🔥 3. अखंड ज्योति का सामान
बहुत से परिवार नौ दिन तक अखंड ज्योति जलाते हैं। इसके लिए चाहिए:
- पीतल या मिट्टी का बड़ा दीया
- देसी घी (नौ दिन के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में)
- लंबी रुई की बाती (कई बातियाँ एक साथ)
- माचिस या लाइटर
- दीये के नीचे रखने के लिए थाली या अक्षत
ज़रूरी सावधानी: अखंड ज्योति जलाते समय घर में कम से कम एक व्यक्ति मौजूद रहे। दीये को पर्दों, कागज़ और ज्वलनशील चीज़ों से दूर रखें। अगर घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हैं तो दीये को ऊँची और सुरक्षित जगह पर रखें। ⚠️
🗓️ 4. नौ दिन की पूजा के लिए रोज़ का सामान
हर दिन के लिए अलग से ये चीज़ें तैयार रखिए:
- ताज़े फूल
- ताज़ा जल
- भोग के लिए फल या मिठाई
- धूप-अगरबत्ती
- पूजा के बाद का प्रसाद
अगर आप नौ दिनों के रंग फ़ॉलो करते हैं, तो इस साल की सूची कुछ इस तरह प्रचलित है: नारंगी, सफ़ेद, लाल, गहरा नीला, पीला, हरा, स्लेटी, बैंगनी और मोरपंखी हरा। ये परंपरा सबके लिए अनिवार्य नहीं है, इसे अपनी सुविधा से अपनाइए। 🎨
🥗 5. नवरात्रि व्रत का सामान
अगर आप व्रत रखते हैं, तो पहले से ये सामान घर में ले आइए:
आटे और अनाज की जगह:
- कुट्टू का आटा
- सिंघाड़े का आटा
- समा के चावल (साँवा)
- साबूदाना
- राजगिरा का आटा या लड्डू
सब्ज़ियाँ और फल:
- आलू, लौकी, कद्दू, अरबी
- हरी मिर्च, अदरक और हरा धनिया
- केला, सेब, पपीता, अनार और अन्य मौसमी फल
अन्य सामग्री:
- सेंधा नमक (साधारण नमक की जगह)
- देसी घी या मूँगफली का तेल
- दूध, दही, पनीर
- मखाने, मूँगफली, मेवे और किशमिश
- जीरा, काली मिर्च और हरी इलायची
- चीनी, गुड़ या मिश्री
ध्यान दें: अगर आपको डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या कोई और स्वास्थ्य समस्या है, या आप गर्भवती हैं, तो कठोर व्रत न रखें। अपने डॉक्टर की सलाह से हल्का व्रत रखना भी पूरी तरह स्वीकार्य है। 🙏
👧 6. कन्या पूजन की सामग्री
अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन के लिए पहले से तैयारी कर लें:
- 9 कन्याओं के लिए आसन या छोटी चौकी
- रोली, चंदन और अक्षत
- पैर धुलाने के लिए थाली और साफ़ जल
- लाल चुनरी या दुपट्टा
- कलावा (मौली)
- भोग: हलवा, पूरी और काले चने
- फल और मिठाई
- छोटे उपहार, जैसे किताबें, पेन, चूड़ियाँ, रुमाल या खिलौने
- अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा
- एक छोटे बालक (लंगूर) के लिए भी भोग और उपहार
सलाह: कन्याओं को पहले से निमंत्रण दे दीजिए, क्योंकि अष्टमी-नवमी के दिन सब जगह भीड़ रहती है। 📞
🔱 7. हवन की सामग्री
अगर आप नवमी पर हवन करते हैं, तो ये चीज़ें चाहिए:
- हवन कुंड
- आम की सूखी लकड़ी (समिधा)
- हवन सामग्री (बाज़ार में तैयार मिलती है)
- देसी घी
- कपूर
- काले तिल, जौ और चावल
- गुग्गल और धूप
- नारियल (पूर्णाहुति के लिए)
- कलावा और अक्षत
सावधानी: हवन खुली और हवादार जगह पर करें, ज्वलनशील चीज़ें दूर रखें, और पास में पानी का पात्र रखें। 💧
🏠 8. घर की तैयारी का चेकलिस्ट
सामान जितना ज़रूरी है, उतनी ही ज़रूरी है घर की तैयारी:
- घर और पूजा स्थान की अच्छी तरह सफ़ाई करें
- पूजा की जगह पर गंगाजल का छिड़काव करें
- मुख्य द्वार पर तोरण (आम या अशोक के पत्तों का) लगाएँ
- दरवाज़े पर रंगोली या शुभ-लाभ बनाएँ
- पूजा स्थान पर साफ़ चौकी और कपड़ा बिछाएँ
- रात को सारा सामान एक जगह इकट्ठा कर लें
❌ 9. कुछ आम ग़लतियाँ जिनसे बचें
- आख़िरी वक़्त पर सामान लेना: पूजा से 2-3 दिन पहले ही सब ले आइए, क्योंकि फूल, नारियल और मिठाई के भाव और भीड़ दोनों बढ़ जाते हैं।
- कलश के लिए टूटा या दरार वाला पात्र: कलश साफ़ और बिना टूटा होना चाहिए।
- बासी फूल या मुरझाए पत्ते: ताज़े फूल और हरे पत्ते ही इस्तेमाल करें।
- व्रत के सामान में मिलावट: कुट्टू और सिंघाड़े का आटा विश्वसनीय दुकान से ही लें, क्योंकि मिलावट से सेहत बिगड़ने की ख़बरें आती रहती हैं।
- बजट से ज़्यादा खर्च: परंपरा में भाव सबसे ऊपर है, महँगा सामान ज़रूरी नहीं। जो सामर्थ्य हो, श्रद्धा से वही अर्पित कीजिए।
✨ 10. ज्योतिष की दृष्टि से एक सुझाव
ज्योतिष में नवरात्रि को साधना, संयम और आत्म-शुद्धि का समय माना जाता है। इस बार शुक्र ग्रह अक्टूबर में तुला राशि में वक्री हो रहे हैं, यानी आत्म-चिंतन का समय। नवरात्रि के नौ दिनों में सादगी, नियम और माँ की आराधना इसके साथ अच्छा तालमेल बनाती है। शुक्र वक्री पर हमारा अलग लेख भी आप AstroStarTalk पर पढ़ सकते हैं।
AstroStarTalk की सलाह यही है कि पूजा में दिखावे से ज़्यादा भाव पर ध्यान दीजिए। अगर सारा सामान न जुट पाए, तब भी एक दीया, थोड़े फूल और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा पूरी मानी जाती है। 🙏
🌺 अंत में
नवरात्रि की तैयारी असल में हमारे मन की तैयारी भी है। जैसे हम घर साफ़ करते हैं, वैसे ही मन से क्रोध, आलस्य और नकारात्मकता को भी साफ़ करने का मौक़ा ये नौ दिन देते हैं। इस लिस्ट को सेव कर लीजिए, एक-एक चीज़ इकट्ठा करते जाइए, और 11 अक्टूबर की सुबह निश्चिंत होकर माँ का स्वागत कीजिए।
AstroStarTalk की ओर से आप सभी को शारदीय नवरात्रि की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ दुर्गा आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि लाएँ। ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए, और ज्योतिष से जुड़े सवाल हों तो AstroStarTalk पर हमसे ज़रूर पूछिए। 💫
आपके घर में नवरात्रि की तैयारी कैसी चल रही है? और कौन सी परंपरा आपके परिवार में सबसे ख़ास है? कमेंट में हमें ज़रूर बताइए।
नोट: तिथि, मुहूर्त और विधि क्षेत्र व परिवार की परंपरा के अनुसार बदल सकती हैं। अंतिम निर्णय से पहले अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान पंडित जी से सलाह लें। सर्वाधिकार सुरक्षित, AstroStarTalk।